पहली बार टोंक का 26 वर्षीय युवा बीसलपुर का जल लेकर पैदल निकला केदारनाथ, 1000 KM की यात्रा शुरू
गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद यात्रा शुरू, 28 दिन में बाबा केदार का करेगा जलाभिषेक; लौटकर अमरनाथ यात्रा का भी संकल्प
न कोई वाहन, न कोई आराम… बीसलपुर का जल लेकर केदारनाथ के लिए पैदल निकल पड़ा टोंक का युवा
टोंक। आस्था, संकल्प और राष्ट्र चेतना का अनूठा संगम शुक्रवार सुबह टोंक में देखने को मिला, जब जिले का 26 वर्षीय युवा सचिन गुर्जर बीसलपुर बांध का पावन जल कांवड़ में भरकर भगवान केदारनाथ धाम के लिए पैदल रवाना हुआ। लगभग एक हजार किलोमीटर लंबी इस कठिन पदयात्रा के माध्यम से वह न केवल बाबा केदार के दरबार में बीसलपुर का पवित्र जल अर्पित करेगा, बल्कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने का संदेश भी जन-जन तक पहुंचाएगा।
यात्रा प्रारंभ करने से पहले सचिन गुर्जर ने बीसलपुर बांध स्थित गोकर्णेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान शिव का आशीर्वाद लेकर अपनी कांवड़ यात्रा शुरू की। करीब 28 दिनों की इस पदयात्रा के दौरान वह विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए केदारनाथ धाम पहुंचेगा और वहां भगवान शिव का जलाभिषेक करेगा।
सचिन गुर्जर पिछले तीन वर्षों से लगातार साहसिक एवं धार्मिक यात्राओं के माध्यम से युवाओं को प्रेरित कर रहा है। वर्ष 2023 में उसने लगभग डेढ़ माह में साइकिल से लद्दाख की कठिन यात्रा पूरी की थी। वहीं गत वर्ष उत्तराखंड के पंचकेदार धामों की साइकिल यात्रा कर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस का परिचय दिया। अब वह पैदल कांवड़ यात्रा के जरिए एक नया अध्याय जोड़ रहा है।
सचिन ने बताया कि केदारनाथ यात्रा पूर्ण करने के बाद वह पहलगाम मार्ग से बाबा अमरनाथ की पवित्र यात्रा भी करेगा। उनका मानना है कि युवा शक्ति यदि धर्म, संस्कृति, गौ संरक्षण और राष्ट्र सेवा के संकल्पों के साथ आगे बढ़े तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
यह यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण का अभियान भी है। टोंक जिले के लिए यह गौरव की बात है कि 26 वर्षीय सचिन गुर्जर बीसलपुर का पावन जल लेकर केदारनाथ धाम तक पैदल कांवड़ यात्रा करने वाला जिले का पहला युवा बन गया है। उसकी इस तपस्या समान यात्रा को लेकर क्षेत्र के लोगों में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में लोगों ने उसे शुभकामनाओं के साथ विदा किया।
