चारदीवारी के बिना भगवान भरोसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर! मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
आवारा पशुओं की आवाजाही से अस्पताल परिसर असुरक्षित, ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई
जालोर। क्या ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का दावा करने वाला आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुद ही असुरक्षित है? जालोर के धरडा पावटी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केन्द्र की स्थिति कुछ ऐसे ही सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल परिसर में आज तक चारदीवारी नहीं होने से यहां सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे नजर आ रही है।
ग्रामीण मंडल मंत्री ललित सुन्देशा ने इस गंभीर मुद्दे को उठाते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजकर अस्पताल परिसर की चारदीवारी का निर्माण शीघ्र करवाने की मांग की है। उनका कहना है कि चारदीवारी के अभाव में आवारा पशु बेधड़क अस्पताल परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होती है और मरीजों के साथ-साथ चिकित्सा कर्मियों को भी लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्थान पर लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए, वहां पशुओं की आवाजाही चिंता का विषय बन गई है। ऐसे में किसी भी समय अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
ललित सुन्देशा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जनहित को प्राथमिकता देते हुए अस्पताल की चारदीवारी का निर्माण तत्काल स्वीकृत कर कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे अस्पताल परिसर सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्वच्छ रहेगा तथा क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग इस मांग पर त्वरित कार्रवाई करेगा, या फिर ग्रामीणों को सुरक्षित अस्पताल परिसर के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा? यही प्रश्न आज क्षेत्रवासियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
