टोंक की सब्जी मंडी में नकली नोटों का खेल: 17 दुकानदार बने शिकार, पुलिस तलाश में जुटी
टोंक शहर की सबसे व्यस्त सब्जी मंडी में मंगलवार रात जो हुआ, उसका खुलासा बुधवार सुबह होते ही व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई। रातभर सामान्य खरीदारी करने वाले दो युवकों की असलियत जब सामने आई तो मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार देर रात दो युवक मंडी में पहुंचे। उन्होंने अलग-अलग दुकानों पर जाकर सब्जियों और फलों के भाव पूछे, खरीदारी की और बड़े नोट देकर भुगतान किया। सब कुछ इतना सामान्य लग रहा था कि किसी भी दुकानदार को उन पर शक नहीं हुआ। युवकों ने 500 और 200 रुपए के नोट दिए और बाकी बची रकम असली नकदी के रूप में वापस लेकर आराम से वहां से निकल गए।
लेकिन असली खेल अगले दिन सुबह सामने आया।
जब सब्जी विक्रेता अपनी बिक्री की राशि जमा कराने मंडी के व्यापारियों के पास पहुंचे तो नोटों की जांच के दौरान एक के बाद एक नोट संदिग्ध निकलने लगे। कुछ ही देर में पता चला कि मंडी में चलाए गए कई नोट नकली हैं। यह जानकारी फैलते ही पूरे बाजार में हड़कंप मच गया।
जांच में अब तक 500 रुपए के 13 और 200 रुपए के 4 नोट नकली पाए गए हैं। इस तरह कुल 17 सब्जी विक्रेता ठगी का शिकार हुए हैं। व्यापारियों का कहना है कि नोट इतने असली जैसे दिखाई दे रहे थे कि पहली नजर में पहचान कर पाना लगभग असंभव था।
सूचना मिलने पर पुरानी टोंक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और व्यापारियों व पीड़ित विक्रेताओं से जानकारी जुटाई। पुलिस अब मंडी और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि नकली नोट खपाने वाले युवकों की पहचान की जा सके।
घटना के बाद व्यापारियों और सब्जी विक्रेताओं में भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि मंडी क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मंडी में अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाने, पुलिस गश्त बढ़ाने और नकली नोटों की पहचान संबंधी जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये दोनों युवक अकेले थे या टोंक में नकली नोट खपाने वाले किसी बड़े गिरोह की शुरुआत का यह सिर्फ एक छोटा हिस्सा है? पुलिस इसी एंगल से भी जांच कर रही है।
