नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा, NEET UG 2026 को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने लाखों छात्रों और अभिभावकों की नींद उड़ा दी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को हुई इस परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। लेकिन इसके पीछे की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है।

🚨 पेपर लीक का ‘जयपुर कनेक्शन’ और वो रहस्यमयी ‘क्वेश्चन बैंक’
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार धांधली का स्तर इतना गहरा था कि पेपर छपने से पहले ही लीक हो गया था। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि नकल गैंग के पास बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 35 सवाल पहले ही पहुँच चुके थे।
इस पूरे खेल का केंद्र जयपुर को माना जा रहा है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने मनीष नाम के एक शख्स को हिरासत में लिया है, जिसे इस पूरे कांड का ‘मास्टरमाइंड’ कहा जा रहा है। आखिर मनीष के पास प्रिंटिंग प्रेस से पहले सवाल कैसे पहुँचे? क्या सिस्टम के अंदर का ही कोई व्यक्ति इस गैंग से मिला हुआ था?
💸 720 में से 600 नंबर का ‘सौदा’
जांच के तार सिर्फ राजस्थान ही नहीं, बल्कि केरल और उत्तराखंड तक फैले हुए हैं। सूत्रों का दावा है कि:
- परीक्षा से दो दिन पहले ही सीकर में कुछ छात्रों के पास ‘गैस पेपर’ पहुँच गया था।
- इस क्वेश्चन बैंक में 300 से ज्यादा हाथ से लिखे सवाल थे, जिनमें से 150 सवाल हूबहू मुख्य परीक्षा में आ गए।
- एजेंसी को मनी ट्रेल के पुख्ता सबूत मिले हैं, जहाँ छात्रों ने इस ‘लीक पेपर’ के लिए लाखों रुपये के लेनदेन की बात कबूल की है।
🔍 अब CBI संभालेगी कमान
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। NTA ने साफ किया है कि पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
📅 छात्रों के लिए राहत और आफत: अब आगे क्या?
लाखों छात्र इस समय असमंजस में हैं, लेकिन NTA ने कुछ स्पष्टीकरण जारी किए हैं:
- दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं: छात्रों को फिर से फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी।
- कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं: दोबारा परीक्षा के लिए कोई फीस नहीं ली जाएगी, बल्कि पुरानी फीस वापसी की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
- नए एडमिट कार्ड: री-एग्जाम के लिए नए सिरे से एडमिट कार्ड जारी होंगे।
- सेंटर में बदलाव नहीं: फिलहाल परीक्षा केंद्रों को वही रखने का फैसला लिया गया है।
⚠️ NTA का विवादों से पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब NTA के सिस्टम पर सवाल उठे हैं। पिछले 7 सालों का इतिहास गवाह है:
- 2020: मध्य प्रदेश की एक छात्रा को सिर्फ 6 अंक दिए गए, जिसके गम में उसने सुसाइड कर लिया। बाद में री-चेकिंग में उसके 590 नंबर निकले।
- 2020: ST कैटेगरी के टॉपर को शब्दों और अंकों की हेराफेरी कर फेल दिखा दिया गया था।
- 2024: ग्रेस मार्क्स और एक ही सेंटर से कई टॉपर्स निकलने पर सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुँचा था।
क्या इस बार CBI उस असली चेहरे को बेनकाब कर पाएगी जिसने लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया? नई परीक्षा तिथि और जांच की पल-पल की अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ।






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