‘तेलंगाना राइजिंग-2047’: रेवंत रेड्डी का मेगा विजन
अंडरपास-एलिवेटेड कॉरिडोर से बदलेगी शहर की तस्वीर, मुफ्त ई-ऑटो योजना और मूसी रिवरफ्रंट बनेगा विकास का नया प्रतीक
हैदराबाद | विशेष रिपोर्ट
तेलंगाना के मुख्यमंत्री A. Revanth Reddy ने राज्य के भविष्य को लेकर एक ऐसा विजन पेश किया है, जो आने वाले वर्षों में हैदराबाद की पहचान पूरी तरह बदल सकता है। ‘तेलंगाना राइजिंग-2047’ मास्टर प्लान के तहत सरकार ने राजधानी को देश का पहला ‘सिग्नल फ्री’ और ‘ट्रैफिक मुक्त’ शहर बनाने का लक्ष्य तय किया है।
संसदीय स्थायी समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को देखते हुए अब पारंपरिक विकास मॉडल पर्याप्त नहीं हैं। इसलिए सरकार एक ऐसे हाईटेक और बहुस्तरीय शहरी ढांचे पर काम कर रही है, जिसमें ट्रैफिक, प्रदूषण, पार्किंग और परिवहन जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके।
🚦 हैदराबाद बनेगा ‘सिग्नल फ्री’ शहर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल सड़कें चौड़ी करने से समस्या खत्म नहीं होगी। इसके लिए सरकार शहर में अंडरपास, सरफेस रोड और एलिवेटेड कॉरिडोर की त्रिस्तरीय परिवहन व्यवस्था लागू करेगी।
योजना के तहत:
- बड़े चौराहों को सिग्नल फ्री बनाया जाएगा
- यात्रा समय कम होगा
- ट्रैफिक जाम में भारी कमी आएगी
- मल्टी-लेवल पार्किंग सिस्टम तैयार होगा
सरकार का दावा है कि यह मॉडल आने वाले वर्षों में हैदराबाद को देश के सबसे आधुनिक शहरी नेटवर्क में बदल देगा।
🏙️ विकास का नया फॉर्मूला: CURE, PURE और RARE
रेवंत रेड्डी सरकार ने तेलंगाना के विकास के लिए एक अनोखा त्रिस्तरीय मॉडल तैयार किया है।
■ CURE Zone
आउटर रिंग रोड (ORR) के भीतर का क्षेत्र आईटी, कॉर्पोरेट और सेवा सेक्टर के लिए विकसित किया जाएगा।
■ PURE Zone
ORR और क्षेत्रीय रिंग रोड (RRR) के बीच का क्षेत्र मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल हब बनेगा।
■ RARE Zone
RRR के बाहर के इलाकों को कृषि और हरित विकास क्षेत्र के रूप में संरक्षित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे शहरी विस्तार नियंत्रित रहेगा और संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।
⚡ मुफ्त ई-ऑटो योजना बनेगी गेम चेंजर
प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने इलेक्ट्रिक मोबिलिटी पर बड़ा दांव लगाया है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि:
- RTC बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें जोड़ी जाएंगी
- शहरी क्षेत्रों में चलने वाले ऑटो-रिक्शा को मुफ्त में इलेक्ट्रिक वाहनों में बदला जाएगा
विशेषज्ञ इसे देश की सबसे बड़ी शहरी ई-मोबिलिटी पहल मान रहे हैं।
🌊 मूसी नदी का बदलेगा चेहरा
सरकार मूसी नदी को केवल साफ करने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उसे पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र बनाने की तैयारी में है।
मूसी रिवरफ्रंट प्रोजेक्ट के तहत:
- नदी किनारों का सौंदर्यीकरण होगा
- सांस्कृतिक और विरासत केंद्र विकसित किए जाएंगे
- पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
2047 तक ‘ग्लोबल सिटी’ बनाने का लक्ष्य
रेवंत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना को आने वाले दो दशकों में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, हरित विकास और आधुनिक परिवहन का मॉडल राज्य बनाया जाएगा।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या ‘तेलंगाना राइजिंग-2047’ वास्तव में हैदराबाद को भारत का पहला ट्रैफिक मुक्त और हाईटेक महानगर बना पाएगा।


A WordPress Commenter
Hi, this is a comment.
To get started with moderating, editing, and deleting comments, please visit the Comments screen in the dashboard.
Commenter avatars come from Gravatar.